जैसलमेर में महादेव पैलेस की ओर से आएँ, तो गड़ीसर झील शहर के जल-संबंधी इतिहास को समझने के लिए एक अच्छा पड़ाव है। शहर के दक्षिण में बना यह कृत्रिम जलाशय कभी जैसलमेर को पानी मुहैया कराता था। इसके किनारे नक्काशीदार छतरियाँ, मंदिर, दरगाहें और घाट हैं। आप झील के किनारे पैदल घूम सकते हैं या पैडल बोट और नाव चलाने के विकल्प देख सकते हैं।
- स्थान: जैसलमेर शहर के दक्षिण में।
- मुख्य स्थल: पत्थर के घाट, नक्काशीदार छतरियाँ, मंदिर, दरगाहें और टीलों की पोल।
- गतिविधियाँ: पैडल बोट और नाव उपलब्ध हैं; प्रवासी पक्षी भी दिख सकते हैं।
- अनुमानित समय और कीमत: 7 AM–7 PM और नौका विहार के लिए ₹100; यात्रा से पहले मौजूदा जानकारी की पुष्टि कर लें।

गड़ीसर झील के आसपास क्या देखें
गड़ीसर झील का मुख्य आकर्षण इसके किनारे बने ऐतिहासिक भवनों का समूह है। यह वर्षा जल सहेजने वाला जलाशय था, जो कभी जैसलमेर को पानी देता था, हालाँकि अब शहर की जलापूर्ति के लिए इसका इस्तेमाल नहीं होता।
झील के किनारे टहलते हुए यहाँ की नक्काशीदार छतरियाँ, मंदिर, दरगाहें और घाट देखें। टीलों की पोल को झील का प्रवेशद्वार बताया जाता है। उत्तर-पूर्वी किनारे पर घाट दूर तक फैले हैं, जहाँ आप तट का एक और हिस्सा घूम सकते हैं।
कुछ विवरण झील की शुरुआत 1400 AD में बताते हैं, लेकिन इसके मूल निर्माता के बारे में मत अलग-अलग हैं: एक विवरण इसे महारावल गडसी सिंह के शासनकाल से जोड़ता है, जबकि दूसरे के अनुसार इसे राजा रावल जैसल ने बनवाया और बाद में गडसी सिंह के समय इसका जीर्णोद्धार हुआ। दोनों ही विवरण झील को जैसलमेर की ऐतिहासिक जलापूर्ति से जोड़ते हैं।
घाटों और छतरियों में क्या खास है?

घाट और नक्काशीदार छतरियाँ इस तट को इसकी विशिष्ट स्थापत्य पहचान देते हैं। पत्थर की कारीगरी, सीढ़ियाँ और अलग-अलग बनावट वाले ढाँचे झील के किनारों को खुले पानी जितना ही देखने लायक बनाते हैं।
पानी के पार और किनारों के साथ-साथ, दोनों ओर नज़र डालने के लिए समय निकालें: तट के हर हिस्से से छतरियों और घाटों के अलग नज़ारे दिखते हैं। टीलों की पोल भी झील के किनारे की एक पहचानी जाने वाली जगह है, जिसे प्रवेशद्वार बताया जाता है। इसके और अन्य ऐतिहासिक इमारतों के लिए प्रवेश के खास नियम स्पष्ट नहीं हैं, इसलिए वहाँ लगे संकेतों या कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें।
गड़ीसर झील पर आप क्या कर सकते हैं?

गड़ीसर झील पर पैडल बोट और नाव उपलब्ध हैं, और आपको प्रवासी पक्षी भी दिख सकते हैं। आप झील पर नौका विहार के साथ आसपास की जगहें भी देख सकते हैं।
नौका विहार की अनुमानित कीमत ₹100 है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह किराया किस इकाई के लिए है, कौन-सी नाव मिलती है, सवारी कितनी देर की होती है और सेवा कब उपलब्ध रहती है। नावों की उपलब्धता और दूसरी व्यवस्थाएँ बदल सकती हैं, इसलिए सवारी की योजना बनाने से पहले पता कर लें कि उस समय क्या उपलब्ध है।
गड़ीसर झील को शहर में दर्शनीय स्थलों की सैर के साथ जोड़ना आसान है: पानी से जुड़ा इसका इतिहास और किनारे की इमारतें जैसलमेर किले और उसके जैन मंदिरों की सैर से अलग अनुभव देती हैं।
गड़ीसर झील घूमने का सही समय कब है?

घूमने का अनुमानित समय 7 AM–7 PM है, लेकिन मौजूदा संचालन समय की पुष्टि नहीं है। जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देख लें। नौका विहार की कीमत भी अनुमानित है; मौजूदा किराया या सेवा का समय निश्चित नहीं है।
महादेव पैलेस से गड़ीसर झील तक कार से लगभग 11 मिनट और पैदल 24 मिनट लगते हैं। व्यापक योजना के लिए इस सैर को किले और हवेलियों समेत शहर के अन्य दर्शनीय स्थलों के साथ जोड़ें। पानी का स्तर झील के नज़ारे को प्रभावित कर सकता है: ऐतिहासिक रूप से इसमें पानी बारिश और जलग्रहण क्षेत्र से सतही बहाव के ज़रिए आता था, और जलाशय के रूप में इसकी भूमिका स्थानीय वर्षा से जुड़ी रही है।
झील के किनारे का सम्मान कैसे करें?
गड़ीसर झील एक ऐतिहासिक जलाशय होने के साथ-साथ किनारे घूमने की जगह भी है। जैसलमेर को पानी देने में इसकी पुरानी भूमिका के कारण झील और आसपास के घाट शहर की विरासत का हिस्सा हैं, सिर्फ नौका विहार की पृष्ठभूमि नहीं।
सार्वजनिक जगहों पर रहें और नावों व ऐतिहासिक इमारतों के आसपास दिए गए निर्देशों का पालन करें। नाव पर सवार होने से पहले स्थानीय स्तर पर जानकारी लें और झील के किनारे लागू किसी भी पाबंदी का सम्मान करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गड़ीसर झील कहाँ है?
गड़ीसर झील राजस्थान के जैसलमेर शहर के दक्षिण में है। यह एक कृत्रिम जलाशय है, जिसके किनारों पर घाट, मंदिर, दरगाहें और नक्काशीदार छतरियाँ हैं।
क्या गड़ीसर झील में नौका विहार कर सकते हैं?
यहाँ पैडल बोट और नाव उपलब्ध हैं। लगभग ₹100 की कीमत में किराये की इकाई या सवारी की जानकारी नहीं दी गई है, इसलिए निकलने से पहले मौजूदा व्यवस्था की पुष्टि कर लें।
गड़ीसर झील किस लिए प्रसिद्ध है?
यह झील वर्षा जल के ऐतिहासिक जलाशय और किनारे की नक्काशीदार इमारतों—जिनमें घाट, छतरियाँ, मंदिर और दरगाहें शामिल हैं—के लिए प्रसिद्ध है।
गड़ीसर झील घूमने का समय क्या है?
घूमने का अनुमानित समय 7 AM–7 PM है, लेकिन मौजूदा संचालन समय की पुष्टि नहीं है। जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देख लें।
